Bharatiya Janata Party (BJP)और कांग्रेस दो ऐसी पार्टी है देश की जो मुख्य और बड़ी पार्टीयों में गिनी जाती है और इस बार Bharatiya Janata Party (BJP) 2014 के चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ ऐसी पार्टी के साथ उभरी है जिसने पूर्ण बहुमत हासिल किया हो तो चलिए नरेन्द्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर देने वाली देश की बड़ी राजनैतिक पार्टी की history के बारे में कुछ बात करते है –

Bharatiya Janata Party (BJP) modern History in hindi

Bharatiya Janata Party की नींव की बात करें तो इसकी स्थापना Syama Prasad Mookerjee के द्वारा 1951 में हुई थी और इसे उस समय ‘भारतीय जन संघ’ के नाम से जाना जाता था | 1977 में लगी इमरजेंसी के बाद BJP ने अन्य कुछ दलों के साथ मिलकर ‘ जनता पार्टी ‘ के तौर पर खुद को राजनीति में स्थापित किया और उसके बाद 1980 में पार्टी का नाम बदल कर आज की “ Bharatiya Janata Party “ यानि के BJP हो गया |  आप आरएसएस (RSS) के बारे में जानते है जो एक हिन्दू संगठन है तो आपको यह भी जान लेना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी भी उसी आरएसएस की सबसे प्रमुख राजनैतिक इकाई है | इसी के चलते Bharatiya Janata Party पर एक साम्प्रदायिक पार्टी होने का आरोप लगता रहा है कि यह अपने हिंदुत्व के अजेंडे को मुख्य धारा में रखते हुए काम करना चाहती है |
Bharatiya Janata Party modern History in hindi
Bharatiya Janata Party modern History in hindi
1951 में स्थापना के बाद पार्टी को पहले आम चुनाव में कोई भी खास सफलता नहीं मिली थी लेकिन फिर अगर इसे प्रमोशन और पार्टी की पहचान के तौर पर देखा जाये तो इसके लिए जनता का सकारात्मक नजरिया पार्टी के लिए देखने को मिला | अपनी स्थापना के बाद से ही कुछ मुख्य मुद्दों पर Bhartiya Janata Party ने जोर है दिया था जो थे कश्मीर की एकता, गौ रक्षा, ज़मींदारी प्रथा और परमिट-लाइसेंस-कोटा राज खत्म करने की अवधारणा | हालाँकि चुनावों में शुरुआती दौर में बीजेपी को कोई खास सफलता नहीं बनी लेकिन फिर भी सत्ता में रह रही पार्टी कांग्रेस का विरोध करते हुए कुछ कुछ नीतियों के लिए प्रदर्शन आदि करते हुए Bharatiya Janata Party (BJP)अपनी पहचान बनाने में लगी और फिर 1975 में इंदिरा गाँधी के आपातकाल घोषित करने के बाद बहुत कुछ बदल गया | उस समय विपक्षी पार्टी के बहुत से नेताओं के साथ साथ जन संघ के भी हजारों नेताओं को जेल की हवा खानी पड़ी थी |
1977 में यानि के इमरजेंसी के खत्म होने के बाद आम चुनाव हुए जिसमे कांग्रेस की हार हुई और मोरारजी देसाई को प्रधानमन्त्री बनाया गया | मोरारजी की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी को विदेश मंत्री और लाल कृष्ण अडवानी को सूचना और प्रसारण मंत्री की जगह मिली लेकिन आपसी लड़ाई और पार्टी में अनेक मतभेद होने की वजह से यह सरकार ज्यादा दिन नहीं टिक पायी और अपने शुरूआती 30 महीनो में ही गिर गयी | अब चूँकि 1980 में पार्टी का नाम बदल कर “ Bharatiya Janata Party “ रख दिया गया था और 1980 में हुए चुनावों में भी पार्टी की हार हुई | 1984 में में इंदिरा गाँधी की हत्या हो गयी थी और उसी साल हुए चुनाव में उनके बेटे राजीव गाँधी को तीन चौथाई का बहुमत मिला और वो प्रधानमंत्री बने |
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी में सुधार के हालात बने और उन्होंने अपने हार की वजह को पहचानते हुए पार्टी की छवि को सुधारने के लिए काम करना शुरू कर दिया और उसके बाद 1996 में जब चुनाव हुए तो BJP सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी और राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया लेकिन लोकसभा में बहुत साबित नहीं कर पाने की दशा में केवल 13 दिन के अंदर ही उनकी सरकार गिर गयी | अब 1998 में फिर से चुनाव हुए क्योंकि दूसरी सरकारे भी इसी वजह से अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई थी लेकिन इस बार किसी तरह Bharatiya Janata Party (BJP) ने बहुत हासिल किया और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमन्त्री बने लेकिन फिर मुख्य सहयोगी जयललिता के समर्थन वापिस ले लेने की वजह से फिर से सरकार गिर गयी | 1999 में फिर से चुनाव हुए और इस बार Bharatiya Janata Party (BJP) ने अपनी 23 सहयोगी पार्टियों के साथ चुनाव लड़ा और प्रधानमंत्री बने | ऐसा कहा जा सकता है कि वो पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री हुए देश के | अब इस बार  2014 के चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ बनी सरकार में नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने है और कहा जा सकता है कि इतने लम्बे समय बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है | Bharatiya Janata Party (BJP) के लिए यह सुनहरा अवसर था जिसमे उसने खुद को साबित किया है |
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